घण्टे के अंदर का माँ का गाढ़ा दूध शिशु के लिये अमृत समान होता है.

कृष्ण मोहन शर्मा, March 1, 2023

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HighLights

  • # खतरो की पहचान बनाये जीवन सुरक्षित और आसान. -मॉड्यूल तीन का गैर आवसीय तीन दिवसीय प्रशिक्षण मे दी गयी महत्वपूर्ण जानकारियां.
  • गुठनी.प्रखंड मुख्यालय के जीविका परियोजना अंतर्गत जीविका मित्रों को मॉड्यूल थ्री का तीन दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण दिया गया.सागर सीएलएफ के सभागार मे शुक्रवार से चल रहे इस प्रशिक्षण का विधिवत समापन रविवार को हो गया.प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी जीविका मित्रों को फेसिलेटर मॉड्यूल थ्री के अंतर्गत व्यवहार परिवर्तन संचार से स्वयं समूहों द्वारा स्वास्थ पोषण और स्वच्छता तथा सुरक्षित गर्भावस्था एवं प्रसव की तैयारी की विशेष जानकारी दी गयी.इस प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि गर्भधारण से प्रसव तक की पहचान कर जच्चा बच्चा को सुरक्षित और आसान जीवन दिया जा सकता है.

    गर्भावस्था की जानकारी होते ही जच्चा बच्चा पंजीयन कार्ड पंजीकरण कराना जरूरी है इसके लिये अपने आंगनबाड़ी केंद्र,उप स्वास्थकेंद्र व् स्वास्थ केंद्र से निःशुल्क बनाना है.प्रसव पूर्व चार प्रकार की जाँच जिसमे गर्भ का पता चलते,गर्भावस्था के चौथे व छ्ठे माह के बीच जाँच,सात से आठ माह व नौवे महीने की जांच आवश्यक रूप से कराना चाहिये ये सभी जांच पीएचसी पर निःशुल्क होती है.नवजात शिशु को एक घंटे के अंदर मां का गाढ़ा दूध पिलाना अमृत पिलाने समान जैसा होता है.

    तीन दिवसीय मॉड्यूल 3 के प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षिका रानी कुमारी व सुरेंद्र कुमार ने प्रशिक्षण ले रही प्रतिभागी जीविका मित्रों को उपरोक्त जनकारियों को दिया.प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को बड़ी सहजता से बताया कि जच्चा बच्चा को कैसे सुरक्षित और स्वस्थ रखें,माँ के प्रारंभिक दूध की महत्ता क्या है,नवजात को कैसे टॉवल में रख उठाये ताकि बच्चा बिल्कुल सही रहे.स्वास्थ पोषण एवं स्वस्च्छ्ता अभियान की कुशल प्रशिक्षिका रानी कुमारी ने प्लास्टिक की गुड़िया,टॉवल इत्यादि सामानों के जरिये डमी दिखाकर कर नवजात शिशु के रख रखाव को समझाया.उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र की कुछ महिलाओं में मां के प्रारंभिक दूध के सम्बंध ने व्याप्त भ्रांतियों को कुशलता से समझाया और महिलाओं को समझाने के तरीके को सुझाया.

    जीविका परियोजना द्वारा स्वास्थ पोषण एवं स्वच्छता अभियान के तहत चल रहे तीन दिवसीय मोड्यूल थ्री प्रशिक्षण के द्वितीय सत्र में 47 प्रतिभागियों ने भाग लिया.प्रशिक्षण के दौरान रॉल प्ले,नुक्कड़ एवं भाषण विधि के अतिरिक्त भिन्न भिन्न तरीको से गर्भवती महिलाओं के खान पान,गर्भ धारण से प्रशव के बीच के समय मे रहने के तरीके व बच्चे के जन्म के समय की सम्पूर्ण जानकारियां प्रभावी तरीके से बतायी गयी.प्रशिक्षण के दौरान नुक्कड़ विधि के तहत डमी नवजात के जन्म के समय प्रशिक्षण ले रही महिलाओं ने शोहर गीत गाने शुरू कर दी.तीन दिवसीय प्रशिक्षण के मौके पर बीपीएम आमोद कुमार शर्मा ने कहा जच्चा बच्चा जब स्वस्थ रहेंगे तभी घर मे ख़ुशीहाली आयेगी ऐसी स्थिति ने हम सबका कर्तव्य है कि प्रशिक्षण के दौरान सीखे गये गुण का प्रचार प्रसार करें.इस मौके पर बतौर प्रशिक्षक सुरेंद्र कुमार,रानी कुमारी सहित जीविका की तीन दर्जन सीएम दीदियां मौजूद रही.