चकरी सिद्ध गुफा योगाश्रम में एकादस रुद्रों वाले शिवलिंग की होती है पूजा।
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श्री अनंत श्री मौनी बाबा जी महाराज की तपोभूमि सिद्ध गुफा चकरी योगाश्रम, सिवान जिला के चकरी गांव के समीप अवस्थित है। यह काफी पुराना व सिद्ध महात्मा मौनिया बाबा का आश्रम है जहां विशालकाय मंदिर में काफी अद्भुत प्रतिमायें स्थापित है। मौनी बाबा का जन्म आजादी के पहले 1931 में चकरी गांव में हुआ था। उन्होंने अपने जीवन काल मे अनेकों सिद्धियां प्राप्त करते हुये 9 जुलाई 2018 को शरीर त्याग दिया था। मौनिया बाबा के संबंध में बताया जाता है कि मौनी बाबा 22 वर्ष तक भूमिगत (आदमकद गुफा) में रहे और 1999 मे दरौली के नेपुरा गांव में आयोजित श्रीशत चंडी महायज्ञ के मौके पर सूर्य का दर्शन किया। 12 बर्षो तक मौन रहे जिस कारण मौनिया बाबा कहलाये। 1983 मे हुये श्री लक्ष्मी नायण महायज्ञ के मौके पर उन्होंने मौनव्रत तोड़ा। मौनिया बाबा स्वर साधना मे 12 बर्षो तक रहे इसके तहत उन्होनें एक नाक से स्वास लिया। मौनी बाबा 12 बर्षो तक केवल दुब के रस सेवन किया। मौनी बाबा 22 वर्ष तक चकरी आश्रम के गुफा में रहकर सारी साधनायें पुरी व प्राप्त की इस लिये उन्होंने चकरी आश्रम का नाम सिद्ध गुफा चकरी योगाश्रम रखा। मौनी बाबा को सिद्ध गुफा में रामेश्वर महादेव का दर्शन विशालकाय शिवलिंग के रूप में हुआ था जिसमे 11 रुद्र समाहित थे अतएव चकरी योगाश्रम में उन्होनें 11 फिट 11 इंच लम्बा " शिवलिंग की स्थापना करवाया जिसमे 11 रुद्रो का समावेश है। 11 रुद्रों में, कपाली, पिंगल, मीम, बीरूपाक्ष, शास्त्र, अजपाल, अहीर बुधन्य शम्भू, चंड व भव शामिल है ऐसा माना जाता है कि इस शिवलिंग की पूजा करने से एकादश रुद्रो की पूजा करने का फल मिलता है। यह एक अदभुत शिवलिंग है।
चकरी सिद्ध गुफा योगाश्रम में 118 भूजा वाली राज राजेश्वरी श्रीपुर सुंदरी मां पराम्बा की 15 फिट लंबी अष्टधातु से बनी मूर्ति स्थापित है। इनकी भी स्थापना सिद्ध गुफा में प्रवास के दौरान हुये दर्शन के परिणामस्वरूप हुआ। इस प्रतिमा में दस महा विद्या 'काली, तारा, छिन्नमस्ता खाणसी, भुवनेश्वरी, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, कमला, मातंगी, व बगलामुखी प्रतिबिम्बित हैं।
चकरी योगाश्रम के यज्ञ मंडप को श्रीचक्र मंदिर बनाया गया है जिसमें श्रीचक्र पूजा स्थल है। चकरी योगाश्रम का श्रीचक्र पूजा काफी महत्वपूर्ण पूजा है जो कुवार मास के नवरात्र में एकादश से पूर्णिमा तक चलता है। 55 वर्षो से अनवरत प्रत्येक वर्ष यह पूजा चलता आ रहा है। यह एक अद्भूत पूजा है। वर्तमान में सिद्ध गुफा चकरी योगाश्रम के महंत श्री रघुनाथ दास जी महाराज है जो श्री श्री 108 श्री मौनिया बाबा के शिष्य है। मंदिर में मां पराम्बा की अद्भुत विशालकाय प्रतिमा स्थापित है जिसकी महत्ता वर्णन से परे है। ऐसा माना जाता है इस घोर कलयुग में श्रीचक्र पूजा के दौरान प्रकाश रूप में माता ने दर्शन दिया था।
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