अपने परमार्थ का उत्तराधिकारी शायद ही कोई छोड़ जाता है - प्रेमभूषण जी

कृष्ण मोहन शर्मा, December 6, 2022

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HighLights

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  • गुठनी अपने जीवन मे मनुष्य अपनी संपत्ति का उत्तराधिकारी तो तय कर देता है, लेकिन अपने द्वारा किये गये परमार्थ कार्य का उत्तराधिकारी नही छोड़ता है, उसे कोई आगे बढ़ाने की नहीं सोचता है। भगवान के प्रणाम में हमारी श्रद्धा के दर्शन होते है। कई लोगों को सांसारिक सामग्री पर तो भरोसा होता है लेकिन भगवान पर भरोसा नहीं करना हर कोण से उचित होता होता है। भगवान के भक्त को कोई कष्ट नहीं होता बस उस पर भरोसा रखे और स्मरण करते रहे। सांसारिक एश्वर्य यहीं रह जाने वाला है साथ केवल भजन, सद्कर्म, यज्ञ एवं पुण्य ही जाएंगे और कुछ साथ नहीं जाने वाला अतः परमार्थ के मार्ग से नही भटकना चाहिये। उक्त बातें अयोध्या के ख्यातनाम कथावाचक परम पूज्य प्रेमभूषणजी महाराज ने तरका ग्राम में आयोजित नौ दिवसीय श्री रामकथा महोत्सव और रूद्र महायज्ञ के सातवें दिन कथावाचन करते कही।

    व्यास पीठ की विधिवत पूजा के बाद महाराज के मुखारबिंद से श्रीराम कथा वाचन शुरू हुआ तो पूरा पांडाल भक्तिरस में डूब गया। उत्तर प्रदेश के सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद माननीय रवींद्र सिंह कुशवाहा सहित दर्जनों विशिष्ट अतिथियों ने व्यासजी से आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रेमभूषणजी महाराज ने कहा कि कोई भी सत्कर्म करने में विलम्ब नहीं करना चाहिए और झंझट को कल पर टाल देना चाहिए।

    कल बुधवार को श्रीरामकथा का समापन है जो लोग कथा से अबतक वंचित है उन्हें तारका गांव पहुच कर विश्व ख्याति प्राप्त प्रेमभूषण जी महाराज के वाचन से लाभ लेना चाहिये उक्त आग्रह पंचायत के मुखिया ललन राय ने आमजन से किया। उन्होंने कहा तारका की भूमि धन्य हो गयी है जहां अयोध्या धाम के दर्जनों संत यहा पधारे।