कथा में बैठे है ये बड़ी बात नही हममे कथा बैठे ये बड़ी बात है-शालिनी
गुठनी
गुठनी मुख्यालय के उत्तर मठिया के प्रांगण में चल रहे श्रीराथकथा के पहले दिन काशी नगरी से आयीं कथा वाचिका शालीनी त्रिपाठी ने अपने कथा सुनाने के दौरान बोली कि कथा में कथा में बैठे है ये बड़ी बात नही हममे कथा बैठे ये बड़ी बात है। वे उदाहरण प्रस्तुत करतीं हुयी बतायी "जीवन मे गलती करना गलती नही है वल्कि गलती को स्वीकार न करना गलती है। कथा आरंभ से पहले उन्होंने काशी नगरी के संबंध में बताते हुये बोली काशी मुक्ति स्थान है और वहां मुक्ति पाने से सब पाप धुल जाते है लेकिन मैं बताऊ काशी में मुक्ति के लिये पापी नही पहुचते वल्कि जो पूण्य किये रहते है वहीं मुक्ति स्थान पहुच पाते है। जीवन मे पूण्य का महत्वपूर्ण योगदान है जिससे खुशियां प्राप्त होती है। कथा का आरंभ आचार्य पंडित दिनेश पांडे ने पूजन व भगवान की आरती करवा कर किया।
गुठनी बाजार सहित सरेया, तेनुआ,ममौर व योगियाडीह गांव की महिलाएं एवं पुरुष श्रीराथकथा का श्रवण करने पहुचे थे। श्रीराथकथा के दौरान मानस मानुषी शालिनी त्रिपाठी अपनी संगीतमय श्रीरामकथा के चौपाई से महिलाओं को खूब आनंदित की और झूमने को मजबूर कर दिया। महिलाएं ताली बजा बजा कर उनके राग में राग मिलाकर गाने लग जाती थी। कथा श्रवण करने चर्चित श्रीमद्भागवत कथा वाचक पं रविप्रकाश मिश्र भी मौजूद रहे।
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